मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक के बाद जारी हुए इस बयान में कहा गया कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में पिछले कुछ दिनों में 109 नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई थी। इनमें से 107 नमूनों में कोविड-19 का डेल्टा प्लस वेरिएंट पाया गया। वहीं, दो नमूनों में कप्पा वेरिएंट की पुष्टि हुई।
कप्पा वैरिएंट कोई नई बात नहीं है
वर्तमान में दैनिक संक्रमण दर 0.04 प्रतिशत है। वायरस के 'कप्पा वैरिएंट के बारे में पूछे जाने पर अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि ''कप्पा वैरिएंट कोई नई बात नहीं है, पहले भी इस वैरिएंट के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसलिये घबराने की कोई बात नहीं है, यह कोरोना वायरस का एक सामान्य स्वरूप हैं और इसका इलाज संभव हैं।'' हालांकि उन्होंने इस बात की जानकारी नहीं दी कि कप्पा वैरिएंट के मामले कहां सामने आए हैं।
इसका इलाज संभव है
वहीं, इससे पहले कोरोना वायरस के कप्पा वेरिएंट को लेकर राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने कहा था कि राज्य में इस वेरिएंट के मामले पाए गए हैं। उन्होंने कहा , 'चिंता करने की कोई वजह नहीं है। यह कोरोना वायरस का एक वेरिएंट है और इसका इलाज संभव है।' हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि ये वेरिएंट राज्य के किन जिलों में मिले हैं, उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी और कहा कि इससे लोगों के बीच भय पैदा होगा।



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