क्रिप्टोकरेंसी पर शिकंजे की तैयारी
भारत सरकार क्रिप्टो करेंसी पर शिकंजा कसने की तैयारी में है....सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में इस बारे में बिल लेकर आ रही है.....ऐसी खबरें आते ही सभी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी धड़ाम हो गईं....wazirx.com पर बिटकॉइन करीब 11 फीसदी की गिरावट के साथ 40,40,402 रुपये पर...टीथर करीब 12 फीसदी की गिरावट के साथ 70.50 रुपये पर....एथरम करीब 9 फीसदी की गिरावट के साथ 3,03,849 रुपये पर....और डॉजकॉइन करीब 11 फीसदी की गिरावट के साथ 15.83 रुपये पर चल रहा था....
शीतकालीन सत्र में पेश होगा क्रिप्टोकरेंसी बिल
सभी क्रिप्टो करेंसी पर पाबंदी लगाने के लिए....सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में द क्रिप्टो करेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिसियल डिजिटल करेंसी बिल 2021 लाएगी....भारत में जितने लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया है...वो भारत की आबादी का लगभग 8 प्रतिशत हैं...इन निवेशकों ने करीब 70 हजार करोड़ रुपये वर्तमान में दुनियाभर में प्रचलित....कई तरह की डिजिटल करेंसी में लगाए हुए है...ऐसे में अगर सरकार भारत में क्रिप्टो पर बैन लगाने का फैसला करती है....तो दांव 70 हजार करोड़ रुपये लगा चुके भारतीय निवेशकों के लिए तगड़ा झटका होगा...बता दें कि 2009 में लॉन्च किए जाने के बाद साल 2013 तक सिर्फ बिटक्वाइन ही एकमात्र डिजिटल करेंसी चलन में थी...लेकिन अब दुनियाभर में सात हजार से ज्यादा अलग-अलग क्रिप्टोकरेंसी चलन में हैं...हालांकि दुनिया की सबसे लोकप्रिय डिजिटल मुद्रा अभी भी बिटक्वाइन बनी हुई है...और इसके बाद इथेरियम का नंबर आता है।
खबर आते ही गिरने लगी क्रिप्टोकरेंसी
हालांकि विधेयक में डिजिटल करेंसी में निवेश के शौकीनों के लिए...थोड़ी सी राहत भी दी गई है...उनके लिए सरकारी डिजिटल करेंसी का विकल्प लाने का आश्वासन दिया गया है...आरबीआई की डिजिटल करेंसी का रास्ता तैयार करने के लिए....विधेयक में 'डिजिटल करेंसी की अंतर्निहित तकनीक....और इसके उपयोगों को बढ़ावा देने के लिए...कुछ अपवादों को अनुमति दिए जाने' का भी प्रस्ताव किया गया है...अगर किसी को डिजिटल करेंसी में बेहतर भविष्य दिख रहा है...तो वो बिटकॉइन, इथेरियम जैसी प्राइवेट क्रिप्टो में निवेश भले ही नहीं कर पाएगा...लेकिन सरकारी करेंसी का विकल्प खुला रहेगा ।
गौरतलब है कि देश में बड़े पैमाने पर लोग क्रिप्टोकरेंसीज में निवेश कर रहे हैं....इन करेंसीज में काफी उतार-चढ़ाव होता है...इनका कुछ पता नहीं होता कि ये कहां से शुरू हो रही हैं...और कहां से संचालित हो रही हैं....ऐसे में सरकार ने इसके बारे में फैसला करने के बारे में सोचा है...जिसे अच्छा कदम माना जा रहा है।


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