कोरोना के सबसे घातक वैरिएंट डेल्टा प्लस ने पूर्वी यूपी में दस्तक दे दी है। आपको बतादे की गोरखपुर और देवरिया के दो मरीजों में डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हुई है। इसमें से एक की मौत हो चुकी है। वही इस वैरिएंट का पता जीनोम सिक्वेंसिंग के जरिए चला है। रिपोर्ट मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। दूसरी लहर में डेल्टा प्लस, डेल्टा और कप्पा वैरिएंट ने जमकर तबाही मचाई थी। 30 मरीजों के नमूनों की जीनोम सीक्वेसिंग जांच में इसका खुलासा हुआ है। इनमें 27 में डेल्टा, दो में डेल्टा प्लस और एक मरीज में कप्पा वैरिएंट का नया स्वरूप मिला है।
दूसरी लहर रही काफी खतरनाक
कोरोना की पहली पहली से दो गुना घातक दूसरी लहर रही। पहली लहर में करीब 20 हजार संक्रमित मिले। वहीं दूसरी लहर में करीब 36 हजार संक्रमित मिले। दूसरी लहर में कोरोना ने जमकर तबाही मचाई थी। सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड तक नहीं मिल रहे थे। संक्रमण की दर इतनी तेज थी कि अप्रैल और मई माह में औसतन 1000 के आसपास मरीज प्रतिदिन मिल रहे थे। लेकिन इन सबके बीच वायरस के नए स्वरूप की जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
डेल्टा प्लस के एक मरीज की हो चुकी है मौत
डेल्टा प्लस के दो मरीजों एक मरीज की कोरोना संक्रमण के दौरान मौत हो चुकी है। मरीज देवरिया का रहने वाला था। उसकी उम्र 66 साल थी। वह 17 मई को पॉजिटिव हुआ था। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गंभीर हाल में परिजनों ने मई माह में ही भर्ती कराया था। जून माह में उसकी मौत हो गई थी। मौत से पहले माइक्रोबॉयोलॉजी की टीम ने मरीज का नमूना लेकर जांच के लिए भेज दिया था।
एमबीबीएस की छात्र में मिला डेल्टा प्लस
डेल्टा प्लस की दूसरी संक्रमित MBBS की छात्रा है। उसकी उम्र 23 साल है। वह बीआरडी मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई करती है। वह मूलत: लखनऊ की रहने वाली है। वह 26 मई को पॉजिटिव हुई थी। पॉजिटिव होने के बाद जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए उसका नमूना अप्रैल माह में लिया गया था। उसकी तबीयत अब ठीक है।



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