अखिलेश ने कांग्रेस को दी 11 लोकसभा सीटें, यूपी में सपा-कांग्रेस समझौते के बीच,कांग्रेस ने जताई नाराजगी



उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर सहमति बन गई है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों की डील पक्की हो गई है। कांग्रेस यूपी में 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी दी है। 



अखिलेश का पोस्ट

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'कांग्रेस के साथ 11 मज़बूत सीटों से हमारे सौहार्दपूर्ण गठबंधन की अच्छी शुरुआत हो रही है… ये सिलसिला जीत के समीकरण के साथ और भी आगे बढ़ेगा. ‘इंडिया’ की टीम और ‘पीडीए’ की रणनीति इतिहास बदल देगी.' पिछले दिनों सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई थी कि यूपी में कांग्रेस 80 में से 23 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है


वहीं, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अखिलेश यादव के फैसले से कांग्रेस पार्टी के अहसमत होने की खबर है। कहा जा रहा है कि यह फैसला अखिलेश यादव का है न कि कांग्रेस का। हालांकि अभी तक कांग्रेस के किसी नेता का इस पर बयान नहीं आया है। 

प्रदेश कांग्रेस ने जताई नाराजगी

कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व ने अखिलेश यादव के 11 सीटें देने के प्रस्ताव पर नाराजगी जताई है. प्रदेश के शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व ने कहा है कि यह अखिलेश यादव का एकतरफा यानि अपना फैसला है जिससे वो सहमत नहीं है. 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का आया बयान 

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का कहना सीटों को लेकर अभी चर्चा चल रही है जो भी हमारा शीर्ष नेतृत्व कहेगा  वह माना जाएगा उत्तर प्रदेश में गठबंधन को लेकर हमारी स्थिति एकदम साफ़ है हम लोग मिलकर चुनाव लड़ेंगे

आपको बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में एसपी का कांग्रेस के साथ कोई औपचारिक गठबंधन नहीं था, लेकिन अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पार्टी ने रायबरेली और अमेठी सीटों पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था, जहां कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी ने चुनाव लड़ा था.  कांग्रेस ने सूबे की 80 में से 67 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. पार्टी 6.4 फीसदी वोट शेयर के साथ केवल एक सीट ही जीत सकी और तीन सीटों पर दूसरे स्थान पर रही. तब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे राहुल गांधी अपनी सीट भी नहीं बचा पाए थे.

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