नई दिल्ली/जयपुर: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी खीरे की खेती के लिए मिली करीब 99 लाख 60 हजार रुपये की सब्सिडी को लेकर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि यह सब्सिडी उन्हें उनके ही मंत्रालय से जुड़ी एक योजना के तहत मिली, जबकि वह उस योजना को मंजूरी देने वाले बोर्ड के पदेन (एक्स-ऑफिशियो) उपाध्यक्ष भी हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अजमेर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद और केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने पॉलीहाउस परियोजना के लिए यह सब्सिडी प्राप्त की। इस मामले को लेकर विपक्ष ने ‘हितों के टकराव’ का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
मोदी सरकार में भ्रष्टाचार के नए मॉडल और 'हितों के टकराव' (Conflict of Interest) का एक और बड़ा उदाहरण देश के सामने आया है जिसमें केन्द्रीय मंत्री और केन्द्र सरकार में पदस्थ IAS अधिकारी पर आरोप लग रहे हैं।
जब देश के कृषि राज्य मंत्री ही अपने मंत्रालय की योजना से अपने खेत के लिए… pic.twitter.com/C6FGu5QcWb
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) June 27, 2026
मोदी सरकार में भ्रष्टाचार के नए मॉडल और 'हितों के टकराव' (Conflict of Interest) का एक और बड़ा उदाहरण देश के सामने आया है जिसमें केन्द्रीय मंत्री और केन्द्र सरकार में पदस्थ IAS अधिकारी पर आरोप लग रहे हैं।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) June 27, 2026
जब देश के कृषि राज्य मंत्री ही अपने मंत्रालय की योजना से अपने खेत के लिए… pic.twitter.com/C6FGu5QcWb
अशोक गहलोत ने लगाए गंभीर आरोप
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री से जुड़ा यह मामला गंभीर है और इसमें हितों के टकराव की स्थिति दिखाई देती है।
गहलोत ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के नए तरीके सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री और केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मंत्री ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वह खुद किसान हैं और आधुनिक तकनीक के जरिए खेती करते हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस परियोजना से जुड़ी कोई जानकारी छिपाई नहीं है।
मंत्री के अनुसार, पॉलीहाउस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने करीब आठ साल पहले यानी 2018 में आवेदन किया था। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया नियमों के तहत हुई है और इसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं है।
#WATCH अजमेर, राजस्थान: एक मीडिया रिपोर्ट पर कि उनके अपने मंत्रालय ने उन्हें खीरे के खेत के लिए एक स्कीम के तहत 99 लाख रुपये की सब्सिडी दी, कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा, "मैं एक किसान हूं और बचपन से खेती कर रहा हूं...मैंने कुछ नहीं छिपाया है। हजारों किसान पॉलीहाउस लगाते… pic.twitter.com/8aLu8yNGZQ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 27, 2026



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