मुंबई: बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म निर्देशक और निर्माता संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर की रात निधन हो गया। वह 59 साल के थे। 'कांटे', 'जिंदा', 'मुसाफिर', 'शूटआउट एट वडाला' और 'काबिल' जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए पहचाने जाने वाले संजय गुप्ता की अचानक मौत से हिंदी सिनेमा जगत में शोक की लहर है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, संजय गुप्ता मुंबई के वर्सोवा स्थित अपने घर में गिर गए थे। इस हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी और काफी खून बहने के कारण उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हादसा रात में हुआ, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी अगली सुबह मिली।
#WATCH | Mumbai: On the demise of filmmaker Sanjay Gupta, Filmmaker Ashoke Pandit says, "This is very sad news for our film industry. A young filmmaker, Sanjay Gupta, is no longer with us. He slipped and fell at home, sustaining a head injury, and has passed away. He was a truly passionate filmmaker—a remarkable storyteller who created some exceptional films, including some excellent thrillers. He was a vibrant, deeply passionate individual; whenever he narrated a story—or anything at all—he brought a unique, powerful energy to it. I would like to extend my condolences to his family..."
— ANI (@ANI) October 31, 2026
घर में गिरने से हुआ दर्दनाक हादसा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार रात संजय गुप्ता अपने घर में अचानक गिर पड़े थे। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई। घटना के समय उनकी पत्नी, बच्चे और घर में काम करने वाली मेड भी मौजूद थे, लेकिन किसी को तत्काल हादसे की जानकारी नहीं हो सकी। सुबह जब परिवार को इस घटना का पता चला तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मुंबई पुलिस ने दर्ज की ADR
घटना की सूचना मिलने के बाद वर्सोवा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है। शुरुआती जांच में किसी तरह की साजिश या गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं। परिवार ने भी किसी पर शक जाहिर नहीं किया है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
'आतिश' से शुरू हुआ था फिल्मी सफर
संजय गुप्ता ने साल 1994 में फिल्म 'आतिश: फील द फायर' से बतौर निर्देशक बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में संजय दत्त, आदित्य पंचोली और रवीना टंडन जैसे कलाकार नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने 'राम शास्त्र', 'हमेशा', 'जंग' और 'खौफ' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। हालांकि, साल 2002 में रिलीज हुई फिल्म 'कांटे' ने उन्हें बॉलीवुड में एक अलग पहचान दिलाई। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त और सुनील शेट्टी जैसे बड़े कलाकार थे।
'शूटआउट एट वडाला' और 'काबिल' से बनाई अलग पहचान
संजय गुप्ता को खासतौर पर एक्शन, क्राइम और गैंगस्टर फिल्मों के लिए जाना जाता था। उन्होंने 'जिंदा', 'मुसाफिर', 'शूटआउट एट वडाला', 'जज्बा', 'काबिल' और 'मुंबई सागा' जैसी फिल्मों के जरिए दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।उनकी फिल्मों की खासियत दमदार एक्शन, अपराध की दुनिया की कहानियां और स्टाइलिश निर्देशन रहा। तीन दशक से ज्यादा लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: On the demise of filmmaker Sanjay Gupta, Actor Vindu Dara Singh says, “I don't know what is happening in the film industry. We are getting one shock after another. First, we heard the news about Nana Patekar ji. He was a very fit person. It was too early for him to go, even though he was 73. Today, Sanjay Gupta, at 57, slipped and fell. His head hit something; he kept bleeding, and now he is no more... It is very painful to know that films like Kaante and the sequel to Shootout, which was supposed to come next, will now never be made... Life is very unpredictable. Please enjoy life, spread happiness and take in as much joy as you can, because you never know what tomorrow holds..."
— ANI (@ANI) October 31, 2026
संजय गुप्ता के निधन से बॉलीवुड ने एक ऐसे फिल्ममेकर को खो दिया है, जिसने हिंदी सिनेमा में एक्शन और क्राइम थ्रिलर फिल्मों को अपनी अलग शैली दी।
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